
Red fort Blast: दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इसी मामले में गिरफ्तार की गई फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी की आतंकी डॉक्टर शाहीन सईद के लॉकर से उर्दू दस्तावेज, नकदी और पेन ड्राइव जैसे सामान जांच एजेंसी ने बरामद किए हैं। ये चीजें अल-फलाह यूनिवर्सिटी के धौज गांव कैंपस से मिलीं। शाहीन उर्दू में लिखने की आदी है, इसलिए ये दस्तावेज जांच के लिए अहम हो सकते हैं। ये सब गुरुवार को सामने आया, जब टीम ने मौके पर तलाशी ली थी।
दरअसल, गरुवार को एनआईए की टीम सबूतों की जांच करते हुए शाहीन को लेकर सीधे अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। वहां नेहरू ग्राउंड लोहा मंडी के पास केमिकल दुकान के बाद कैंपस में घुसकर उसके लॉकर को खंगाला। लॉकर से काफी नकदी निकली, साथ में पेन ड्राइव और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी मिले। सबसे खास बात, उर्दू में लिखे ढेर सारे पेपर मिले। शाहीन हिंदी या इंग्लिश की बजाय उर्दू चुनती थी, ताकि कोई आसानी से न पढ़ सके। लेकिन शादी का सर्टिफिकेट जैसी कोई पर्सनल डिटेल नहीं मिली। टीम ने सब कुछ वीडियो में रिकॉर्ड किया, ताकि बाद में कोई विवाद न हो। रात करीब दो बजे तक जांच चली, फिर दिल्ली लौट आए।
शाहीन उर्दू में लिखती थीशाहीन सईद डॉक्टर है, लेकिन वो उर्दू की शौकीन है, और लिखाई भी उसी में करती। सूत्र बताते हैं कि फ्लैट और ऑफिस में भी घंटों सर्चिंग हुई। एक और जगह खोरी जमालपुर गांव गई टीम, जहां मुजम्मिल अहमद ने पूर्व सरपंच का घर किराए पर लिया था। शाहीन भी वहां आती-जाती थी। मुजम्मिल को भी इस साजिश से जोड़ा जा रहा है। पता चला कि आरोपी डॉक्टर्स ने अपनी सैलरी से ही पैसे खर्च किए साजिश पर।
एनआईए अब बाकी फरारों को भी ला सकती है स्पॉट पर। इसमें अल-फलाह का इमाम इश्तियाक शामिल है, जो यूनिवर्सिटी से जुड़ा। शोएब का नाम भी आ रहा, जिसने दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए डॉक्टर उमर को नूंह में ठिकाना दिलाया। सहारनपुर से पकड़े गए डॉक्टर आदिल को भी यहां लाया जा चुका। आदिल भी अल-फलाह आता रहता था। ये सब कनेक्शन दिखाते हैं कि नेटवर्क कितना फैला।
जासूसी एंगल का नया मोड़इस बीच, नूंह पुलिस पाक जासूसी केस में दो और को पकड़ चुकी। खरखड़ी गांव के वकील रिजवान और जालंधर के मिठाई वाले अजय अरोड़ा। अजय हवाला का कारोबार करता, रिजवान के अकाउंट में पैसे डालता। ये फंड पंजाब में दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। दोनों को आठ दिन रिमांड पर लिया। डीएसपी अभिमन्यु लोहान कहते हैं, जांच चल रही, अभी कुछ कहना मुश्किल। ये केस दिल्ली वाले से जुड़ सकता, क्योंकि पैसों का लिंक दिख रहा।