
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में वीर सावरकर की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही ‘वीर सावरकर प्रेरणा पार्क’ का उद्घाटन किया।
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने प्रतिमा के मूर्तिकार अनिल सुतार को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। यह आयोजन स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को पुनर्जीवित करने वाला ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा – “वीर सावरकर जी का जीवन मातृभूमि के प्रति अथाह प्रेम और राष्ट्र के लिए प्राण न्योछावर करने की प्रेरणा देता है। अंडमान और निकोबार की भूमि वीर सावरकर जी सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, समर्पण एवं साहस की साक्षी रही है। यह पार्क और प्रतिमा, वीर सावरकर जी की ही भांति अडिग रहकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा तथा उनके स्वप्नों को साकार करने की दिशा में भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी”।
सावरकर को मिली काला पानी की सज़ा का ऐतिहासिक संदर्भ
ब्रिटिश सरकार ने 1911 में वीर सावरकर को काला पानी की सजा देते हुए पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में कैद किया था, जिसे अब श्री विजयपुरम के नाम से जाना जाता है। यह स्थान आज भी स्वतंत्रता आंदोलन की अमर गाथाओं का प्रतीक है।
