
देहरादून: धामी सरकार ने इस साल एक नए किस्म का अभियान चलाया जिसे नाम दिया गया ऑपरेशन कालनेमि, धर्म की आड़ लेकर, भगवे, काके,नीचे चोले में घूमने वाले नकली साधुओं की धरपकड़ से ठग विद्या की कई दिलचस्प परतें खुलती चली गई। इसके तहत की गई कार्रवाई में अब तक 19 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है।
अवैध धंधों के खिलाफ अभियानधर्म और आस्था की आड़ में चल रहे अवैध धंधों के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ा है। ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत तीन जिलों में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है. राज्य के तीन जिलों में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान कुल 511 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एक समय ऐसा था जब पूर्व डीजीपी अशोक कुमार कहते थे कि उनके राज्य में कोई भी बंग्लादेशी रोहिंग्या नागरिक नहीं है। किंतु जब ये अभियान चला तो 19 बांग्लादेशी मुस्लिम भीं साधु भेष में पकड़े गए जिनमें से दस को बॉर्डर पर डिपोर्ट भी कर दिया गया।
धामी सरकार का कहना है कि यह अभियान धर्म और आस्था की आड़ में हो रहे अपराधों पर रोक लगाने के लिए शुरू किया गया है.। स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते है ऑपरेशन कालनेमि से सनातन की रक्षा हुई हुई फर्जी साधु संतों का पर्दाफाश हुआ है कई बांग्लादेशी भी पकड़ में आए है।ये अभियान अभी जारी है।