
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के तहत आज 15 जनवरी को राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मतदान हो रहा है। सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5:30 बजे तक चलेगी। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन इसी बीच मुंबई से आई एक बड़ी खबर ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया।
BMC Election के प्रचार के आखिरी क्षणों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। संघ ने मुंबई के वार्ड नंबर 118 और 122 से चुनाव लड़ रहे दो उम्मीदवारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आरएसएस ने इन उम्मीदवारों पर मतदाताओं को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।
RSS ने क्यों उठाई उम्मीदवारों पर आपत्तिआरएसएस का कहना है कि वैशाली जी और प्रशांत जी नामक ये उम्मीदवार देश जनहित पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन अपने प्रचार के दौरान खुद को आरएसएस द्वारा समर्थित बता रहे थे। संघ ने इसे भ्रामक प्रचार करार देते हुए कहा कि इससे मतदाताओं में भ्रम फैलाया जा रहा है।
RSS का आधिकारिक बयान और सख्त रुखराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने आधिकारिक बयान में साफ कहा है कि संघ किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को प्रायोजित नहीं करता। संघ का कहना है कि उसके नाम का इस्तेमाल कर किया जा रहा यह दुष्प्रचार कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है और संबंधित उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए।
मुंबई के साथ-साथ ठाणे, पुणे, नागपुर, नासिक और जलगांव जैसी प्रमुख महानगरपालिकाओं में भी मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मतगणना 16 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होगी।
अंतिम घंटों में बढ़ा सियासी तनावचुनाव प्रचार के आखिरी घंटों में ठाणे, पुणे, डोंबिवली और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में राजनीतिक संघर्ष चरम पर नजर आया। कई इलाकों से हिंसक झड़पों और पैसे बांटने के आरोप सामने आए, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ठाकरे बंधुओं के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाईराजनीतिक जानकारों के अनुसार यह चुनाव अब सिर्फ नगर निकाय तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के लिए सीधी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। खासकर मुंबई महानगरपालिका के नतीजे दोनों नेताओं के सियासी भविष्य और उनकी राजनीतिक पकड़ की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
(Courtesy: Panchjanya)