पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य की कानून व्यवस्था पर कड़ी टिप्पणी की है। कानून व्यवस्था को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव बुधवार को पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में पेश हुए। इस दौरान गैंगस्टरों को लेकर न्यायालय ने कड़ा रुख दिखाते हुए सख्त टिप्पणियां कीं।
हाईकोर्ट का कड़ा रुखहाईकोर्ट ने कहा कि आम आदमी की धारणा बन चुकी है कि पंजाब अब स्टेट ऑफ गैंगस्टर्स बन चुका है। रोज कत्ल हो रहे हैं। सैकड़ों या हजारों की भीड़ में 2 लोग आते हैं, हत्या कर फरार हो जाते हैं और पुलिस उन्हें पकड़ तक नहीं पाती।
डीजीपी की सफाईहालांकि डीजीपी ने सफाई दी कि उन्होंने ऑपरेशन प्रहार चलाया, जिसमें करीब 3 हजार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इस पर भी न्यायालय ने कहा कि यह ऑपरेशन 2-3 साल पहले क्यों नहीं शुरू किया गया। अदालत के आदेश जारी होने के बाद ही ऐसे ऑपरेशन क्यों शुरू किए जाते हैं।
निर्दोष व्यक्तियों की सुरक्षाअदालत ने पंजाब पुलिस को हिदायत भी दी कि इस ऑपरेशन के दौरान किसी भी निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार न किया जाए।
डीजीपी की पेशी कुछ महीने पहले मोहाली में हुए कबड्डी प्लेयर राणा बलाचौरिया के कत्ल केस में हुई थी। डीजीपी के साथ स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), एसएसपी मोहाली, डीआईजी रोपड़ रेंज और एजीटीएफ चीफ भी कोर्ट में हाजिर रहे। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी।
फिरौती और पैसों की जांचसुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डीजीपी से पूछा, फिरौती के रूप में मांगे जा रहे पैसों को ट्रेस करने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं, वह पैसा कहां जा रहा है और उसका रास्ता क्या है। हर रोज सैकड़ों करोड़ रुपए जा रहे हैं, इस पर क्या जांच हो रही है। इस मामले में ईडी को भी ध्यान देने की जरूरत है।
गैंगस्टरों और सोशल मीडिया पर हाईकोर्ट की टिप्पणीसुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गानों में गैंगस्टरों और हथियारों के महिमामंडन पर भी सख्त एतराज जताया। हाईकोर्ट ने डीजीपी को कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। कोर्ट ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों को प्रमोट करने वाले वीडियो हटाने और उनके यूआरएल ब्लॉक करने के आदेश भी दिए।
नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देशहाईकोर्ट ने डीजीपी पंजाब को एक सप्ताह के भीतर नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें जानकारी देनी होगी कि, कितनी घटनाओं में सीसीटीवी, मोबाइल या अन्य कैमरों में शूटर कैद हुए। इन घटनाओं के बाद कितनी गिरफ्तारियां हुईं। धमकी भरी कॉल्स से वसूला गया पैसा कहां जा रहा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इन सभी कार्यों के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए।
वहीं अपना पक्ष रखते हुए डीजीपी गौरव यादव ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में हुई कई घटनाओं में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। पंजाब में अपराध अन्य राज्यों की तुलना में कम है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब एक सीमा राज्य है, ऐसे में इसकी तुलना अन्य राज्यों से नहीं की जा सकती।


