
कर्नाटक के बेंगलुरू से हिन्दुओं के धार्मिक जुलूस पर पत्थरबाजी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि ये घटना शहर के जगजीवन राम नगर (जेजे नगर) इलाके की है, जहां से देवी की रथयात्रा के दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई। यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। ये वारदात रविवार की शाम करीब 8 बजे के आसपास ओम शक्ति मंदिर से निकाली जा रही देवी की रथयात्रा के साथ हुई। श्रद्धालु रथ खींच रहे थे और ओम शक्ति की माला पहने हुए थे। तभी अचानक रथ की तरफ पत्थर फेंके गए।
घटना कैसे हुईश्रद्धालुओं का कहना है कि पास के इलाके से, जहां दूसरा समुदाय ज्यादा रहता है, वहां से पत्थर आए। अंधेरा होने की वजह से फेंकने वालों को ठीक से देखा नहीं जा सका। इस पत्थरबाजी में एक बच्ची (या कुछ रिपोर्टों में महिला) घायल हुई। बच्ची के सिर पर चोट लगी और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायल की हालत के बारे में ज्यादा डिटेल नहीं आई है, लेकिन चोट गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालु काफी नाराज हो गए। वे तुरंत जगजीवन राम नगर पुलिस थाने के सामने जमा हो गए। उन्होंने वहां प्रदर्शन किया और कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। वे चाहते थे कि पुलिस जल्दी से एक्शन ले और दोषियों के खिलाफ केस दर्ज हो। हिंदू संगठनों के लोग भी वहां पहुंचे और शिकायत देने पर जोर दिया।
पुलिस ने क्या कियापुलिस ने हिन्दू संगठनों की शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया है। जांच शुरू हो गई है। पश्चिमी मंडल के डीसीपी यतीश एन. बी. खुद थाने पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई और गड़बड़ न हो। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमें शिकायत मिली कि जुलूस के दौरान रथ पर पत्थर फेंके गए। हम पूरी जांच कर रहे हैं।” श्रद्धालुओं की तरफ से आरोप लगाया गया कि असामाजिक तत्वों ने यह काम किया। कुछ लोगों ने इसे दूसरे समुदाय से जोड़कर देखा, लेकिन पुलिस ने अभी किसी खास समुदाय का नाम नहीं लिया।
इलाके में तनावघटना के बाद जेजे नगर के कुछ हिस्सों में तनाव रहा। लोग थाने के बाहर इकट्ठा होकर नारे लगाते रहे। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया। कोई बड़ी हिंसा या और झड़प की खबर नहीं आई। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसे मौकों पर शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है।