पाकिस्तान को माकूल जबाव: अफगान तालिबान ने नूर खान एयरबेस समेत कई सैन्य ठिकानों पर किया हमला

VSK Telangana    02-Mar-2026
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drone attack
 

पाकिस्तान के हमलों पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने तगड़े पलटवार करने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में तालिबानी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इसमें 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस पर चुप्पी साध रखी है।

तालिबान की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया कि हमलों में रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया गया। ये पाकिस्तान एयर फोर्स का एक बड़ा और संवेदनशील बेस है, जो रावलपिंडी में स्थित है। इसके अलावा क्वेटा (बलूचिस्तान) में 12वीं डिवीजन मुख्यालय (या 12वीं कोर), खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी इलाके में ख्वाजाई कैंप और घलानी सैन्य अड्डे जैसे अन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए। तालिबान ने इन जगहों को “महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएं और कमांड सेंटर” बताया।

हमलों का दावा और तरीका

अफगान रक्षा मंत्रालय ने एक्स के जरिए दावा किया कि अफगान एयर फोर्स ने “सटीक और समन्वित हवाई ऑपरेशन” चलाए। इसमें ड्रोन और अन्य विमानों का इस्तेमाल हुआ। तालिबान का कहना है कि इन हमलों से पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा। कुछ रिपोर्ट्स में तालिबान ने दावा किया कि 32 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, लेकिन ये आंकड़े सिर्फ उनके पक्ष से हैं और अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई।

पहले पाकिस्तान ने किए थे हमले

गौरतलब है कि अफगान सेना का ये पलटवार हाल ही में पाकिस्तान के द्वारा अफगानिस्तान में काबुल, बगराम एयरबेस और अन्य जगहों पर हवाई हमले के बाद किए गए हैं। तालिबान ने उन हमलों को जवाबी कार्रवाई बताया। पाकिस्तानी पक्ष ने पहले “ओपन वॉर” जैसी बातें कही थीं और तालिबान के ठिकानों पर बमबारी की थी। तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तानी विमानों को रोकने के लिए एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया और बगराम पर हमले को नाकाम किया। काबुल में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से इन हमलों पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दोनों तरफ से दावे अलग-अलग हैं। तालिबान कह रहा है कि उसके हमले सफल रहे और पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया और अधिकारियों ने अभी तक नुकसान की कोई बात नहीं मानी। ये तनाव डूरंड लाइन पर पुराने विवादों से जुड़ा हुआ लगता है, जहां सीमा पर झड़पें होती रहती हैं। स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

 (Courtesy: Panchjanya)