
उन्नाव। असम के प्रतिबंधित और खूंखार आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-आई / ULFA-I) को वित्तीय मदद (टेरर फंडिंग) मुहैया कराने के आरोप में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। असम पुलिस ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में छापेमारी कर दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो इस उग्रवादी संगठन को फंड पहुंचा रहे थे।
सहारनपुर और कानपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपीअसम पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के ही अलग-अलग जिलों के मूल निवासी हैं। असम राज्य की तिनसुकिया जनपद की पुलिस लंबे समय से इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
इस पूरे ऑपरेशन को तिनसुकिया जनपद की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने बेहद गुप्त तरीके से अंजाम दिया।
तिनसुकिया क्राइम ब्रांच में तैनात डीएसपी रितूपर्णो गोगोई ने इन आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सर्विलांस का सहारा लिया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में पुलिस को इन दोनों की सटीक लोकेशन उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मिली।
सटीक जानकारी मिलने के बाद, असम पुलिस की विशेष टीम उन्नाव पहुंची और स्थानीय उन्नाव पुलिस की मदद से एक संयुक्त अभियान चलाकर नूर मोहम्मद और सुभान को धर दबोचा। जानकारी के अनुसार, पुलिस से बचने के लिए ये दोनों आरोपी उन्नाव में मोहम्मद शहादत नामक व्यक्ति के घर में किराएदार बनकर छिपकर रह रहे थे।
दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद, असम पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें उन्नाव की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों को असम ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की।
उन्नाव जनपद न्यायालय की सीजेएम ने मामले की गंभीरता (टेरर फंडिंग) को देखते हुए पुलिस की अर्जी स्वीकार कर ली और दोनों अभियुक्तों की ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) स्वीकृत कर दी। रिमांड मिलने के तुरंत बाद, असम पुलिस की टीम भारी सुरक्षा के बीच दोनों अभियुक्तों को लेकर असम के लिए रवाना हो गई है, जहां उनसे आतंकी नेटवर्क से जुड़े आगे के राज उगलवाए जाएंगे।
(Courtesy: Panchjanya)