
मामले की सुनवाई नासिक स्थित सेशंस जज के जी जोशी ने की। टीसीएस नासिक के बीपीओ यूनिट में कुछ महिला कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उनके सहयोगी उन्हें यौन रूप से परेशान कर रहे थे, धमकियां दे रहे थे, काम में खराब रिपोर्टिंग कर रहे थे और धार्मिक भावनाएं आहत कर रहे थे। साथ ही जबरन इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। अब तक 9 FIR दर्ज हुई हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं आहत करना, धमकी और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप हैं। इसके साथ ही पुलिस अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही शनिवार को कोर्ट ने चार आरोपियों रजा रफीक मेमन, तौसीफ बिलाल अत्तर, दानिश एजाज शेख और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी की पुलिस हिरासत 5 मई तक बढ़ा दी गई है।
निदा खान की भूमिकानिदा खान टीसीएस की कर्मचारी थी। उस पर मुख्य आरोप यह है कि उसने पीड़ित हिन्दू महिला कर्मचारी को बुर्का दिया, इस्लाम से संबंधित किताबें दीं, मोबाइल पर इस्लामिक ऐप्स इंस्टॉल करवाए और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं। आरोप है कि वे महिला को मलेशिया भेजने का लालच भी दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक निदा इस मामले में मुख्य आरोपी में से एक हैं। वे अभी तक गिरफ्तार नहीं हुई हैं और पुलिस उन्हें ढूंढ रही है।