
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष सूचना के आधार पर की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित एक तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे। आरोपियों का नेटवर्क सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय बताया जा रहा है, जिसकी कडिय़ों को जोडऩे के लिए जांच जारी है।
इस संबंध में एसएसओसी, अमृतसर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद हेरोइन की सप्लाई कहां से हुई और इसे आगे किन इलाकों में भेजा जाना था।
अवैध हथियार बरामददूसरी ओर अमृतसर जिला पुलिस ने सीमा पार से जुड़े अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं।बरामद हथियारों में 2 ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल (ऑस्ट्रिया निर्मित), 4 .30 बोर पिस्तौल (चीन निर्मित) और 1 अन्य .30 बोर पिस्तौल शामिल है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ये हथियार अवैध रूप से मंगवाए गए थे और इन्हें आगे आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल के लिए सप्लाई किया जाना था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान आधारित तस्करों के संपर्क में थे। ये आरोपी वहां से हथियारों की खेप मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में सक्रिय आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और इसके तार अन्य राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।