
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी और कानूनी निर्देश दिए गए थे, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं हुए। साथ ही लागू निषेधाज्ञा का भी उल्लंघन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने पथराव और तोड़फोड़ कीपुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसवालों पर पत्थर फेंके, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की। इस दौरान 15 से 20 सरकारी वाहन और कुछ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। प्रदर्शनकारियों की इस पत्थरबाजी और हुड़दंगई में कई पुलिस अधिकारी घायल हुए। इनमें विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी चोटिल हुईं। उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बांठिया के हाथ और पैर में फ्रैक्चर आया। उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
नई दिल्ली जिले के अतिरिक्त डीसीपी आनंद कुमार मिश्रा को भी पत्थर लगने से गंभीर चोटें आईं। उनका आरएमएल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों से मिलकर उनका हालचाल जाना। सभी घायल पुलिसवालों की मेडिको-लीगल जांच कराई जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनयह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर हो रहा था। देर रात तक कुछ प्रदर्शनकारी वहां बैठे रहे। पुलिस ने पूरे मामले को संभालने के लिए काफी मेहनत की। इस घटना में दोनों तरफ के लोग घायल हुए। पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभाते हुए चोटिल हुए, जबकि प्रदर्शनकारी भी झड़प में आहत हुए। हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है।