
पटना / कानपुर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के नतीजे जारी होने के बाद देश भर में जहाँ सफल छात्र अपनी मेहनत का जश्न मना रहे हैं, वहीं दिल्ली में नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं.
नपुर से सफल हुए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. सफल अभ्यर्थियों का स्पष्ट मानना है कि पेपरबिहार की राजधानी पटना और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर का लीक के खिलाफ आवाज उठाना और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग पूरी तरह जायज है, लेकिन इस छात्र आंदोलन का राजनीतिकरण करना गलत है.
“मुद्दे का समर्थन, राजनीति का विरोध”पटना में नीट परीक्षा में बेहतरीन ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं ने आंदोलन के बदलते स्वरूप पर अपनी चिंता व्यक्त की है-पटना के होनहारों की बात:
- अक्षय आनंद (रैंक 4591): “दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन जायज है क्योंकि पेपर लीक नहीं होने चाहिए और शिक्षा में सुधार की जरूरत है. लेकिन मैं इसके इर्द-गिर्द हो रही राजनीति का समर्थन नहीं करता. मैं मुद्दे के साथ हूँ, राजनीति के साथ नहीं. परीक्षा से ठीक एक महीने पहले मैंने अपनी पढ़ाई और भविष्य को प्राथमिकता दी और पटना में रहकर तैयारी की.”
- अनुभव कृष्णा (रैंक 4678): “दिल्ली में प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप लेता दिख रहा है. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इसमें शामिल होकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं. शुरुआत में यह पूरी तरह शिक्षा से जुड़ा मुद्दा था. हर साल पेपर लीक होते हैं और उनके खिलाफ आवाज उठाना सही था, लेकिन अब यह धीरे-धीरे राजनीतिक होता जा रहा है.”
- आरुषि कुमारी (रैंक 15823): “अगर विरोध प्रदर्शन सिर्फ छात्रों और नीट पेपर लीक से जुड़ा है, तो मैं इसका समर्थन करती हूँ. लेकिन जिस तरह से अब इसे चलाया जा रहा है, वह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित लगता है, इसलिए मैं इसका समर्थन नहीं करती.”
- प्रिया भारती (रैंक 3926): “जब तक यह आंदोलन पेपर लीक और परीक्षा के मुद्दों तक सीमित था, तब तक मेरा समर्थन था. लेकिन अगर यह किसी राजनीतिक या धार्मिक रंग में बदलता है, तो मैं इसके पूरी तरह खिलाफ हूँ.”
जतिन निषाद ने हासिल किए 665 अंकउत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नीट-यूजी अभ्यर्थी जतिन निषाद ने अपनी लगन से 665 अंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है. अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के कड़े संघर्ष को देते हुए जतिन ने कहा:
“मेरे पिता ने मेरे लिए बहुत मेहनत की है. उन्हें कड़ी मेहनत करते देखकर ही मुझे अपने परिवार और उनके लिए कुछ करने की प्रेरणा मिली. इसी प्रेरणा से मैंने दिन-रात पढ़ाई की और आज मेरा चयन हो सका है.” – जतिन निषाद, सफल नीट अभ्यर्थी (665 अंक)
जतिन के पिता रविशंकर निषाद ने अपने बेटे की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा-
“हम बेटे की सफलता से बहुत खुश हैं. लेकिन यह भी सच है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं. अगर इसके खिलाफ कोई प्रदर्शन हो रहा है तो वह बिल्कुल जायज है. लेकिन उसकी आड़ में हिंसा सही नहीं हो सकती, पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.”