लोकमंथन 2026 का जयपुर में शंखनाद: जानें इस बार क्या है खास विषय

VSK Telangana    03-Jul-2026
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भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति एवं राष्ट्रीय चिंतन के प्रतिष्ठित मंच ‘लोकमंथन 2026’ की तैयारियों का औपचारिक शंखनाद बुधवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, जयपुर में हुआ।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में लोकमंथन 2026 की स्वागत समिति एवं आयोजन समिति की घोषणा करते हुए आयोजन का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने लोकमंथन की आधिकारिक वेबसाइट का भी लोकार्पण किया।

[Image: Lokmanthan 2026 Jaipur CM Bhajanlal Sharma J Nandakumar Constitution Club]

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार ने कहा, “भारत का निर्माण सार्थक संवाद से हुआ है और भविष्य का भारत भी निरंतर, रचनात्मक, स्वस्थ एवं बहुआयामी संवाद के माध्यम से ही सशक्त होगा। यह अधिकार ही नहीं, कर्तव्य का भी विषय है।”

[Image: Lokmanthan 2026 Jaipur CM Bhajanlal Sharma J Nandakumar Constitution Club]

उन्होंने कहा कि प्राचीन संवाद परंपरा को आधुनिक काल में पुनः स्थापित करने के लिए लोकमंथन की शुरुआत की गई थी। पहला कार्यक्रम “उपनिवेशवाद से भारतीय मानस की मुक्ति” के विचार पर केंद्रित था।

लोकमंथन का उद्देश्य संवाद को केवल शहरों या प्रबुद्ध वर्ग तक सीमित न रखकर गांव, देहात, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रीय विमर्श का सहभागी बनाना है। “भारत का संवाद समग्र समाज का संवाद होना चाहिए, जिसमें अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की भी समान भागीदारी हो।”

[Image: Lokmanthan 2026 Jaipur CM Bhajanlal Sharma J Nandakumar Constitution Club]

उन्होंने कहा कि भारत का निर्माण केवल नगरों में बैठे तथाकथित शिक्षित वर्ग के विमर्श से नहीं हुआ, बल्कि जंगलों में रहने वाले वनवासी, गांवों में रहने वाले ग्रामवासी और नगरों में रहने वाले नागरिक – सभी ने मिलकर भारत की संवाद परंपरा को समृद्ध किया है।