आज समापन पर उत्तराखंड प्रांत प्रचारक श्रीमान डॉ. शैलेंद्र जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज समाज तैयार है। हमें जाने की देर है, समाज हमारी ओर आतुर निगाहों से देख रहा है।
क्षेत्र प्रचार प्रमुख श्रीमान पदम जी ने कहा कि सनातन धर्म का कार्य ही संस्कार भारती का कार्य है, सभी देवी-देवता अनादि काल से हिंदू धर्म की रक्षा के लिए संस्कारों के महत्व को बताते आए हैं। संस्कार भारती का मूल काम ललित कलाओं और भारतीय मूल की कलाओं का प्रचार प्रसार करना है।
समापन पर संस्कार भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीमान विजय कुमार जी ने कहा कि संस्कार भारती आज नए-नए सोपान गढ़ रही, हमें कुछ और मेहनत करने की आवश्यकता है। अपना मन कार्यकर्ता का मन और कार्य इन तीनों को समन्वय करना होगा तभी संस्कार भारती का उद्देश्य पूर्ण होगा। पूरे विश्व को भारतीय कला का ज्ञान करना यह संस्कार भारती का मूल उद्देश्य है।