असम बाढ़ त्रासदी में देवदूत बने RSS के स्वयंसेवक’ : 3.32 लाख लोग प्रभावित, राहत और पुनर्वास में जुटा संघ परिवार

VSK Telangana    06-Aug-2026
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गुवाहाटी / डिब्रूगढ़ (असम)। असम के शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में आई अभूतपूर्व बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है. नगालैंड के मोन जिले से आए जल प्रवाह और मूसलाधार बारिश के कारण 622 गांवों के लगभग 3.32 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. इस विभीषिका में 45,342 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और 74,000 से अधिक पशुधन की क्षति हुई है. 32,477 से अधिक विस्थापित लोग 81 सरकारी राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं.
ऐसी विषम परिस्थिति में भारतीय किसान संघ (BKS), विश्व हिन्दू परिषद (VHP) और बजरंग दल के स्वयंसेवक अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर पीड़ितों की सहायता, भोजन वितरण, चिकित्सा सेवा और पुनर्वास कार्यों में दिन-रात निरंतर जुटे हुए हैं.
[Image: Assam Floods 2026 RSS Volunteers Relief Work]
धरातल पर संघ परिवार का राहत अभियान: पौध रोपाई से लेकर शिक्षा और आजीविका तक दिया समाधान
बाढ़ प्रभावितों को पुनः आत्मनिर्भर बनाने और तात्कालिक राहत पहुँचाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचार से प्रेरित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल रखा है:
[Image: Assam Floods 2026 RSS Volunteers Relief Work]
भारतीय किसान संघ (BKS): लखीमपुर, जोरहाट, डिब्रूगढ़, धेमाजी, मोरीगांव, नलबाड़ी और कामरूप जिलों के कार्यकर्ताओं ने खाद्यान्न वितरण के साथ 500 बीघा भूमि में रोपाई हेतु धान की पौध (पैडी सैपलिंग) उपलब्ध कराई है.
शिक्षा सुरक्षा: बाढ़ में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए 5,000 से अधिक प्रभावित विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म प्रदान की जा रही है.
मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान: BKS से जुड़े तीन किसान उत्पादक संगठनों (FPC) ने ₹3 लाख की सहयोग राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई है.
[Image: Assam Floods 2026 RSS Volunteers Relief Work]
पुनर्निर्माण एवं स्वच्छता अभियान: मोरीगांव से 50 कार्यकर्ताओं की विशेष टीम शिवसागर में चार दिनों से घर निर्माण, पशु चारे की व्यवस्था और स्वच्छता अभियान में लगी है.
स्वास्थ्य एवं जड़ी-बूटी चिकित्सा: जोरहाट इकाई द्वारा पारम्परिक हर्बल चिकित्सा, घरेलू उपचार प्रशिक्षण व स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं.
विहिप एवं बजरंग दल: उत्तर असम के कार्यकर्ता प्रभावितों को आवश्यक भोजन, वस्त्र, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और दवाइयां घर-घर पहुँचा रहे हैं.
स्वरोजगार और पुनर्वास योजना: बारपेटा और बोंगाईगांव की इकाइयां पानी उतरते ही प्रभावितों के लिए मशरूम उत्पादन व पशुपालन जैसी आजीविका योजनाओं पर काम करेंगी. भारतीय किसान संघ का लक्ष्य 5,000 परिवारों को पुनः आत्मनिर्भर बनाना है.
[Image: Assam Floods 2026 RSS Volunteers Relief Work]
“भारतीय किसान संघ का ध्येय केवल फौरी राहत देना नहीं, बल्कि बाढ़ पीड़ितों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना है। हम 5,000 परिवारों तक पहुँचकर उनकी कृषि, शिक्षा और आजीविका को पुनर्स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।” – भारतीय किसान संघ प्रतिनिधि
असम बाढ़ त्रासदी 2026 के मुख्य आंकड़े एवं स्थिति रिपोर्ट
आपदा मानक / क्षेत्र आंकड़े एवं वर्तमान स्थिति
कुल प्रभावित जनसंख्या लगभग 3.32 लाख लोग (622 गांव जलमग्न).
सर्वाधिक प्रभावित जिले चराइदेव (1.42 लाख प्रभावित), शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट.
कृषि एवं पशुधन नुकसान 45,342 हेक्टेयर फसल नष्ट; 74,000+ पशुधन की मृत्यु.
राहत शिविर एवं विस्थापन 81 राहत शिविर स्थापित; 32,477 लोग शिविरों में शरणार्थी.
प्रमुख सेवा संगठन भारतीय किसान संघ, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने किया हवाई व जमीनी निरीक्षण
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के साथ शिवसागर के सर्वाधिक प्रभावित नेपालीखूटी क्षेत्र सहित चराइदेव और जोरहाट जिलों का विस्तृत दौरा किया. इसके पश्चात उन्होंने बाढ़ के मुख्य स्रोत नगालैंड के मोन जिले का भी दौरा कर स्थिति का जायजा लिया.
नेपालीखूटी में प्रभावितों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने घोषणा की कि जिन पशुपालक परिवारों के मवेशी बाढ़ में बह गए हैं, उन्हें राज्य सरकार समान संख्या में नए पशु उपलब्ध कराएगी और बेघर हुए लोगों के लिए पक्के स्थायी आवास का निर्माण कराएगी.
डिब्रूगढ़ सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के प्रमुख निर्णय:
NDRF नियमों में ढील का आग्रह: मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने केंद्र से अपील की है कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के नियमों में ढील दी जाए ताकि अधिक से अधिक पीड़ितों को ज्यादा सहायता राशि मिल सके. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के सामने रखने का भरोसा दिया.
9 अगस्त से व्यापक नुकसान सर्वे: 7 और 8 अगस्त को अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा और 9 अगस्त से स्थायी नुकसान का सर्वे शुरू होगा.
केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. केंद्र सरकार राहत और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए पूरी तरह साथ खड़ी है.
बैठक में राजस्व मंत्री केशव महंत, स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे. इस बीच, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. देवजीत महंत ने संकट की घड़ी में विधायक अखिल गोगोई द्वारा राहत कार्यों की सराहना किए जाने को सकारात्मक राजनीति बताया, जबकि कांग्रेस पर राहत कार्यों के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप में उलझे रहने का आरोप लगाया.