नमामि भारतम्’ ने रचा इतिहास: 1 करोड़ लोगों ने एक साथ गाया ‘वंदे मातरम्’, एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज!

VSK Telangana    25-Sep-2026
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित देशव्यापी अभियान ‘नमामि भारतम्’ ने एक नया और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. देश के कोने-कोने में 25,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों ने एक स्वर में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर राष्ट्रभक्ति का एक अद्भुत और अविस्मरणीय नजारा पेश किया.
 
विभिन्न संस्थाओं और आयोजकों के अनुसार, सर्वाधिक संख्या में की गई इस सामूहिक मंत्र साधना और राष्ट्रगीत के गान के इस अभूतपूर्व प्रयास को आधिकारिक तौर पर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (ABR) और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (IBR) में दर्ज कर लिया गया है.
 
“एक स्वर, एक संकल्प और एक भारत” की गूंज
 
यह राष्ट्रव्यापी आयोजन केवल एक सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने संपूर्ण देश में ‘एक स्वर – एक संकल्प – एक भारत’ की पावन भावना को जीवंत कर दिया.
 
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जन-जन के प्राणों में ऊर्जा फूंकने वाले इस अमर गीत के 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ा गया.
 
“वंदे मातरम् का यह ऐतिहासिक सामूहिक गायन भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रभक्ति की अटूट शक्ति का प्रमाण है। एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में इसका दर्ज होना हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय है।”
 
देशभर में दिखा भारी उत्साह
 
इस महान अभियान के तहत देश के विभिन्न विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था. सुबह निर्धारित समय पर जब एक करोड़ से अधिक कंठों से एक साथ वंदे मातरम् की गूंज उठी, तो पूरा वातावरण राष्ट्रमय हो गया.
 
‘नमामि भारतम्’ की प्रमुख विशेषताएं:
 
व्यापक सहभागिता: देश के 25,000 से अधिक केंद्रों पर एक करोड़ से ज्यादा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी।
गोल्डन रिकॉर्ड: एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक साथ प्रमाणन।
 
सांस्कृतिक संदेश: युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और ऐतिहासिक चेतना का संचार।
 
‘नमामि भारतम्’ के इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही यह आयोजन भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा देता रहेगा.