
संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने एक शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि एमए सर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, जिन्होंने केरल में ‘बालगोकुलम’ और ‘तपस्या’ की स्थापना की थी.
संघ के स्तंभों में से एक थे M.A सरशोक संदेश में कहा गया है कि एमए सर केरल में संघ के सबसे शुरुआती स्तंभों में से एक थे, जिन्होंने अत्यंत कठिन समय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस आंदोलन को खड़ा करने के लिए अथक संघर्ष किया था.
“श्री एम.ए. कृष्णन के निधन से हमने न केवल केरल के एक समर्पित और प्रतिबद्ध वरिष्ठ प्रचारक को खो दिया है, बल्कि एक ऐसे मनीषी को खोया है जिनकी बहुमुखी प्रतिभा ने समाज को दिशा दी। हम उनकी स्मृतियों को सादर नमन करते हैं।” – मोहन भागवत जी (सरसंघचालक) और दत्तात्रेय होसबाले (सरकार्यवाह), आरएसएस
संघ नेतृत्व ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के सदस्यों, अनगिनत प्रशंसकों और एमए सर के जीवन से प्रेरणा लेने वाले तमाम लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं.
मुख्य बिंदु:
हम सब मिलकर दिवंगत आत्मा की स्मृतियों को सादर नमन करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूर्व दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः