
सुनील आंबेकर जी ने बताया कि डॉ. मोहन भागवत जी 2 सितंबर को ब्रिटेन पहुंचे हैं और उनका यूके दौरा 2 -7 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा RSS के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क और संवाद अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत RSS दुनिया के अलग-अलग देशों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक हस्तियों, संगठनों, शिक्षाविदों, धार्मिक नेताओं, कारोबारी जगत और थिंक टैंक से जुड़े लोगों के साथ संवाद स्थापित करने पर जोर दे रहा है।
शताब्दी वर्ष में वैश्विक संवाद पर जोरप्रेस ब्रीफिंग में सुनील आंबेकर जी ने कहा कि RSS ने 2025-26 को अपने शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया है। उनके मुताबिक, इस दौरान भारत में समाज के विभिन्न वर्गों, क्षेत्रों और पेशों से जुड़े लोगों तक पहुंचने और संवाद करने का प्रयास किया गया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब वैश्विक स्तर पर भी संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दुनिया को भारत में पिछले 100 वर्षों में हुए विकास और सकारात्मक बदलावों, खासकर स्वतंत्रता के बाद हुए परिवर्तनों के बारे में बताना है। साथ ही RSS की पहचान, संस्कृति, हिंदू, हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र की अवधारणाओं को लेकर संगठन का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखने की कोशिश की जा रही है। आंबेकर जी ने कहा कि RSS की यात्रा, उसकी दृष्टि, मिशन और गतिविधियों के साथ-साथ पिछले 100 वर्षों के अनुभवों से मानवता और दुनिया के लिए संगठन का संदेश भी इस वैश्विक संवाद का हिस्सा है।